पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान के अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के नागरिकों के लिए भारतीय नागरिकता पाने दस्‍ती आवेदन मंजूरी 

0
92
अनुराग दुबे। नई दिल्ली

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान के अल्‍पसंख्‍यक समुदाय की भारतीय नागरिकता पाने के रास्‍ते में आने वाली मुश्किलों पर ध्‍यान दिया है और फैसला किया है कि पात्र आवेदक ऑनलाइन की जगह हाथ से लिखे आवेदन भी दे सकते है। दस्‍ती आवेदन स्‍वीकर कर लिए जाएंगे। ये आवेदन उन व्‍यक्तियों के होने चाहिए जो 31 दिसंबर, 2009 से पहले भारत आ गए थे।
पात्र आवेदक भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र पाने के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे थे। ये लोग अब अपने आवेदन पासपोर्ट के साथ दे सकते हैं। लेकिन लम्‍बी अवधि का वीजा आवेदन देने के समय वैध होना चाहिए। ये आवेदन डिस्ट्रिक्‍ट मजिस्‍ट्रेट/कलेक्‍टर /डिप्‍टी कमिश्‍नर को दिए जा सकते हैं। इसके साथ जो हलफनामा नियम 38 के तहत नागरिकता नियम 2009 के अंतर्गत प्रस्‍तुत किया जाएगा उसे परित्‍याग (रिंनसिएशन) प्रमाण पत्र के स्‍थान पर समझा जाएगा।
अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के जो बच्‍चे अपने माता-पिता के पासपोर्ट के आधार पर भारत आ गए थे वे भी भारतीय नागरिकता के लिए पासपोर्ट के बिना आवेदन दे सकते हैं। ऐसा भारत में बिताई गई अवधि के नियमितीकरण के बाद किया जाएगा। लेकिन अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के जिन बच्‍चों का जन्‍म भारत में हुआ है वे भी बिना पासपोर्ट के भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन दे सकते हैं। शर्त यह होगी कि भारत में उनके रहने की अवधि का नियमितीकरण हो गया हो। ऐस बच्‍चों के नाम विदेशी पंजीकरण कार्यालय में नियमितीकरण के लिए संबद्ध जिले में दर्ज कराने होंगे।
राजनाथ सिंह ने पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान के अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता पाने के लिए मंत्रालय के विदेशी विभाग द्वारा दिए गए ये मार्गदर्शक नियम अनुमोदित किए हैं। उन्‍होंने उम्‍मीद जाहिर की है कि इनके कारण अल्‍पसंख्‍यक समुदाय की आवेदन करने की मुश्किलें दूर होंगी।

SHARE

आरती पाण्डेय वेबसाइट की संपादक हैं। यह देश में चल रही राजनीतिक हलचलों पर निगाह रखती हैं। कई बडी और सनसनी खबरों को पहले बे्रक करने का श्रेय आरती पाण्डेय को जाता है। निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्टिंग इनकी खासियत है। साथ ही स्थानीय और देश की समस्याओं की ओर भी इनका फोकस रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here