स्मार्ट फोन की खरीद पर गरीबों को मिल सकती है सब्सिडी

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डिजिटल भुगतान के प्रोत्साहन पर गठित मुख्यमंत्रियों की समिति ने कर दायरे से बाहर के लोगों औक छोटे दुकानदारों को स्मार्ट फोन की खरीद पर 1,000 रुपये की सब्सिडी देने का सुझाव दिया है. इसके अलावा समिति ने बैंकों से 50,000 रुपये से अधिक की निकासी पर नकद लेनदेन कर लगाने की सिफारिश की है.

 आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और समिति के संयोजक एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी. इसमें सभी सरकारी इकाइयों को डिजिटल भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट (एमडीआर) को खत्म करने या उसे कम करने की सिफारिश की है. इसके अलावा सभी प्रकार के बड़े सौदों में नकदी के प्रयोग की सीमा तय करने का सुझाव दिया है.

समिति ने कहा है कि दुकानदारों को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने को प्रोत्साहित करने के लिए संभावित करों में राहत दी जानी चाहिए. वहीं डिजिटल लेने करने वाले दुकानदारों पर पिछली तारीख से कोई कर नहीं लगना चाहिए. समिति ने सभी दुकानदारों को आधार पे, बायोमीट्रिक (एफपी और आइरिस) सेंसर के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जानी चाहिए. समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में कहा है कि सभी भुगतान बैंकों और बैंकिंग कॉरस्पॉन्डेंट को एईपीएस के जरिये अंत:प्रचालनीय (इंटरऑपरेबल) किया जाना चाहिए.

इसके अलावा 1,54,000 डाकघरों के लिए इंटरऑपरेबल आधार आधारित सूक्ष्म एटीएम के लिए ढांचा उपलब्ध कराया जाना चाहिए. नायडू ने यह भी सुझाव दिया है कि नकदी रहित लेनदेन को अपनाने वाले लोगों के हितों के संरक्षण को सभी डिजिटल लेनदेन का बीमा होना चाहिए.

बैंक द्वारा डेबिट या क्रेडिट कार्ड सेवाएं प्रदान करने के लिए दुकानदार से एमडीआर लिया जाता है. समिति में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हैं. समिति ने केंद्र से एमडीआर न लेकर तथा प्रोत्साहन देकर आधार आधारित भुगतान प्रणाली (  एईपीएस) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया है. समिति की अन्य सिफारिशों में सूक्ष्म एटीएम और बायोमीट्रिक सेंसर आदि के लिए कर प्रोत्साहन शामिल है. इसके अलावा समिति ने अपनी सालाना आय के एक निश्चित अनुपात का इस्तेमाल डिजिटल भुगतान में करने पर कर रिफंड का भी सुझाव दिया है.


 

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आरती पाण्डेय वेबसाइट की संपादक हैं। यह देश में चल रही राजनीतिक हलचलों पर निगाह रखती हैं। कई बडी और सनसनी खबरों को पहले बे्रक करने का श्रेय आरती पाण्डेय को जाता है। निष्पक्ष और तथ्यपरक रिपोर्टिंग इनकी खासियत है। साथ ही स्थानीय और देश की समस्याओं की ओर भी इनका फोकस रहता है।

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